लोकप्रिय पोस्ट

P.hd

पीएच.डी. के थीसिस का निर्माण और प्रस्तुतिकरण:

1. थीसिस कैसे बनाएं:

  • विषय का चयन करें: एक ऐसा विषय चुनें जो आपकी रुचि और आपके क्षेत्र में योगदान कर सके।
  • साहित्य समीक्षा (Literature Review): शोध के क्षेत्र में पहले से किए गए कार्य का अध्ययन करें।
  • शोध का उद्देश्य और समस्या निर्धारण: अपनी रिसर्च का मुख्य उद्देश्य और समस्या स्पष्ट करें।
  • डेटा संग्रह और विश्लेषण: आवश्यक डेटा इकट्ठा करें और उसे उचित तरीके से विश्लेषित करें।
  • लेखन:
    • परिचय (Introduction): विषय का परिचय दें।
    • अध्यायवार विवरण: प्रत्येक चरण या पहलू को अध्यायों में विभाजित करें।
    • निष्कर्ष (Conclusion): आपके शोध के प्रमुख निष्कर्ष और भविष्य के सुझाव।
  • प्रारूप: यूनिवर्सिटी के गाइडलाइन्स के अनुसार थीसिस का प्रारूप तैयार करें।

2. PDC (Pre-Submission Defense/Presentation) कैसे प्रस्तुत करें:

  • तैयारी करें:
    • अपने शोध का सार (summary) तैयार करें।
    • थीसिस के महत्वपूर्ण पहलुओं को स्लाइड्स में प्रस्तुत करें।
  • स्लाइड्स का डिजाइन:
    • परिचय, उद्देश्य, विधि (Methodology), निष्कर्ष और सुझाव को शामिल करें।
    • चार्ट्स, ग्राफ्स और विज़ुअल्स का उपयोग करें।
  • प्रेजेंटेशन स्किल्स:
    • सरल और स्पष्ट भाषा का उपयोग करें।
    • सवालों के जवाब देने के लिए तैयार रहें।
  • समय का ध्यान रखें: प्रेजेंटेशन समय सीमा में हो।

3. इंटरव्यू के लिए तैयारी:

  • शोध से संबंधित ज्ञान: अपने शोध के हर पहलू पर गहरी जानकारी रखें।
  • सामान्य प्रश्नों की तैयारी:
    • आपने यह विषय क्यों चुना?
    • आपकी रिसर्च का समाज/विज्ञान में क्या योगदान है?
  • आत्मविश्वास बनाए रखें: उत्तर देते समय आत्मविश्वास और सकारात्मकता दिखाएं।
  • विनम्र रहें: असहमति या सवालों पर विनम्रतापूर्वक प्रतिक्रिया दें।
  • प्रैक्टिस करें: मॉक इंटरव्यू करें और प्रतिक्रिया लें।Ph.D. के लिए विषय चयन एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह आपके अनुसंधान कार्य और अकादमिक करियर की दिशा निर्धारित करता है। विषय चुनते समय निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना चाहिए:
  1. रुचि और जुनून: ऐसा विषय चुनें जिसमें आपकी गहरी रुचि हो और जिसे आप लंबे समय तक गहराई से अध्ययन कर सकें।
  2. समसामयिकता: ऐसा विषय चुनें जो वर्तमान समय में प्रासंगिक हो और समाज, विज्ञान, या तकनीक के लिए योगदान दे सके।
  3. स्रोत और संसाधन: सुनिश्चित करें कि आपके चुने हुए विषय पर शोध करने के लिए पर्याप्त साहित्य, डेटा और संसाधन उपलब्ध हैं।
  4. मार्गदर्शन: यह देखना भी ज़रूरी है कि उस विषय पर विशेषज्ञता रखने वाले गाइड या प्रोफेसर उपलब्ध हैं।
  5. करियर संभावना: चुना गया विषय आपके दीर्घकालिक करियर लक्ष्यों के अनुकूल होन

  1. Ph.D. के लिए विषय चयन एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह आपके अनुसंधान कार्य और अकादमिक करियर की दिशा निर्धारित करता है। विषय चुनते समय निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना चाहिए:
  1. रुचि और जुनून: ऐसा विषय चुनें जिसमें आपकी गहरी रुचि हो और जिसे आप लंबे समय तक गहराई से अध्ययन कर सकें।
  2. समसामयिकता: ऐसा विषय चुनें जो वर्तमान समय में प्रासंगिक हो और समाज, विज्ञान, या तकनीक के लिए योगदान दे सके।
  3. स्रोत और संसाधन: सुनिश्चित करें कि आपके चुने हुए विषय पर शोध करने के लिए पर्याप्त साहित्य, डेटा और संसाधन उपलब्ध हैं।
  4. मार्गदर्शन: यह देखना भी ज़रूरी है कि उस विषय पर विशेषज्ञता रखने वाले गाइड या प्रोफेसर उपलब्ध हैं।
  5. करियर संभावना: चुना गया विषय आपके दीर्घकालिक करियर लक्ष्यों के अनुकूल होना चाहिए।

विषय चयन के दौरान अपने शैक्षिक पृष्ठभूमि, अनुभव और व्यक्तिगत लक्ष्यों को ध्यान में रखें। अपने गाइड या मेंटर से चर्चा कर सही दिशा में कदम बढ़ाएं।


In English

Ph.D. Thesis Preparation and Presentation:


1. How to make a thesis:


Select the topic: Choose a topic that interests you and can contribute to your field.


Literature Review: Study the work already done in the field of research.


Research objective and problem setting: Clarify the main objective and problem of your research.


Data collection and analysis: Collect the necessary data and analyze it properly.


Writing:


Introduction: Introduce the topic.


Chapter wise description: Divide each phase or aspect into chapters.


Conclusion: Major findings of your research and future suggestions.


Format: Prepare the thesis format as per the university guidelines.


2. How to present PDC (Pre-Submission Defense/Presentation):


Preparation:

Prepare the summary of your research.


Present the important aspects of the thesis in slides.


Design of slides:


Include introduction, objectives, methodology, conclusions and recommendations.


Use charts, graphs and visuals.


Presentation skills:


Use simple and clear language.


Be prepared to answer questions.


Keep time in mind: The presentation should be within the time limit.


3. Preparation for interview:


Research related knowledge: Be well informed about every aspect of your research.


Preparation for common questions:


Why did you choose this topic?


What is the contribution of your research to society/science?


Be confident: Show confidence and positivity while answering.


Be polite: Respond politely to disagreements or questions.


Practice: Do mock interviews and get feedback.Topic selection for PhD is an important step, as it determines the direction of your research work and academic career. The following things should be kept in mind while choosing a topic:


Interest and passion: Choose a topic in which you have a deep interest and which you can study in depth for a long time.

Current Affairs: Choose a topic that is relevant to the present time and can contribute to society, science, or technology.


Sources and Resources: Make sure that there is enough literature, data, and resources available to research your chosen topic.


Guidance: It is also important to see that there is a guide or professor who has expertise on that topic.


Career Prospects: The chosen topic should be compatible with your long-term career goals.


Topic selection for Ph.D. is an important step, as it determines the direction of your research work and academic career. The following points should be kept in mind while choosing a topic:


Interest and Passion: Choose a topic that you are deeply interested in and that you can study in depth for a long time.


Contemporaneity: Choose a topic that is relevant to the present time and can contribute to society, science, or technology.


Sources and Resources: Make sure that there is enough literature, data, and resources available to research your chosen topic.


Guidance: It is also important to see that there is a guide or professor who has expertise on that topic.

Career Prospects: The subject chosen should be compatible with your long-term career goals.


Keep your educational background, experience and personal goals in mind while selecting the subject. Discuss with your guide or mentor and take steps in the right direction.




My upcoming blog

P.hd

पीएच.डी. के थीसिस का निर्माण और प्रस्तुतिकरण: 1. थीसिस कैसे बनाएं : विषय का चयन करें : एक ऐसा विषय चुनें जो आपकी रुचि और आपके क्षेत्र में यो...

My favourite